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Thursday, 6 December 2018

Puja Vidhi Bhai Dooj, Bhau-Beej, Bhai Tika, Bhai Phonta in Hindi

Bhai Dooj Puja Vidhi, Bhau-Beej Puja Vidhi, Bhai Tika Puja Vidhi, BhaiPhonta Puja Vidhi


Bhai Dooj (भाई दूज) / Bhau-Beej / Bhai Tika / Bhai Phonta (ভাইফোঁটা) is a festival celebrated by Hindus of India and Nepal on the last day of the five-day-long Diwali or Tihar festival. This is the second day of the bright fortnight or Shukla Paksha of the Hindu lunar month of Kartika in Nepali Calendar.
Puja Vidhi Bhai Dooj, Bhau-Beej, Bhai Tika, Bhai Phonta in Hindi
Bhai Dooj Puja Vidhi
भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह के प्रतीक का पर्व भाई दूज की कथा इस प्रकार से है:
भाई दूज व्रत कथा (Bhai Dooj Vrat Katha) 
छाया भगवान सूर्यदेव की पत्नी हैं जिनकी दो संतान हुई यमराज तथा यमुना. यमुना अपने भाई यमराज से बहुत स्नेह करती थी. वह उनसे सदा यह निवेदन करती थी वे उनके घर आकर भोजन करें. लेकिन यमराज अपने काम में व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को टाल जाते थे।
एक बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना ने अपने भाई यमराज को भोजन करने के लिए बुलाया तो यमराज मना न कर सके और बहन के घर चल पड़े। रास्ते में यमराज ने नरक में रहनेवाले जीवों को मुक्त कर दिया। भाई को देखते ही यमुना ने बहुत हर्षित हुई और भाई का स्वागत सत्कार किया। यमुना के प्रेम भरा भोजन ग्रहण करने के बाद प्रसन्न होकर यमराज ने बहन से कुछ मांगने को कहा। यमुना ने उनसे मांगा कि- आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आएंगे और इस दिन जो भाई अपनी बहन से मिलेगा और बहन अपने भाई को टीका करके भोजन कराएगी उसे आपका डर न रहे।
यमराज ने यमुना की बात मानते हुए तथास्तु कहा और यमलोक चले गए।

भाई दूज पूजा विधि (Bhai Dooj Puja Vidhi)
भाई दूज के दिन बहनों को भाई के माथे पर टीका लगा उसकी लंबी उम्र की कामना करनी चाहिए। इस दिन सुबह पहले स्नान करके विष्णु और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। इसके उपरांत भाई को तिलक लगाना चाहिए। 
स्कंदपुराण के अनुसार इस दिन भाई को बहन के घर जाकर भोजन करने का विधान है। अगर बहन की शादी ना हुई हो तो उसके हाथों का बना भोजन करना चाहिए। अपनी सगी बहन न होने पर चाचा, भाई, मामा आदि की पुत्री अथवा पिता की बहन के घर जाकर भोजन करना चाहिए। साथ ही भोजन करने के पश्चात बहन को गहने, वस्त्र आदि उपहार स्वरूप देना चाहिए। इस दिन यमुनाजी में स्नान का विशेष महत्व है। 
भाई दूज की मान्यता (Believe of Bhai Dooj in Hindi)
मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय को जो भाई अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं रहता।

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